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मैनपाट में बॉक्साइट खनन का जोरदार विरोध, 30 नवंबर की लोकसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में उभरा आक्रोश

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मैनपाट में बॉक्साइट खनन का जोरदार विरोध, 30 नवंबर की लोकसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में उभरा आक्रोश
मैनपाट / मैनपाट क्षेत्र में प्रस्तावित 135 हेक्टेयर बॉक्साइट खनन परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मेसर्स माँ कदरगढ़ी स्टील्स प्रा. लि. द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 30 नवंबर को नर्मदापुर स्टेडियम में लोकसुनवाई निर्धारित की है। इस सूचना के बाद कंडराजा, नर्मदापुर, बहिसा, उरगा, चोरकीपानी, पेठ सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शित हो रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि मैनपाट के पहाड़, जंगल और जलस्रोत उनकी जिंदगी और खेती के लिए महत्वपूर्ण हैं। खनन से इन प्राकृतिक संसाधनों का विनाश होगा, जिससे जलस्रोत खत्म होंगे, खेती प्रभावित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ेगा। ट्रकों की आवाज़ और धूल के कारण गांव के रहने योग्य माहौल पर भी विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन-पहाड़ उनकी पहचान हैं, जिन्हें सिर्फ खनन कंपनियों के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।पर्यावरणीय खतरे गंभीर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि प्रस्तावित सालाना 80,700 टन बॉक्साइट उत्खनन से पहाड़ियों का कटाव होगा, भूजल स्तर गिर जाएगा, जल प्रदूषण बढ़ेगा, सड़क हादसों में वृद्धि होगी, विस्थापन की संभावना रहेगी, और स्थानीय रोजगार असुरक्षित होगा।लोकसुनवाई को वे जनता की राय का मंच मानते हैं, लेकिन चेतावनी देते हैं कि निर्णय पहले से तय नहीं होने चाहिए। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग उनके विरोध को नजरअंदाज करते हैं, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगातार बैठकें हो रही हैं, जहां लोकसुनवाई के दौरान विरोध अभिव्यक्त करने और मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बन रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्याप्त सूचना तो जारी हो गई है, लेकिन ग्राम स्तर पर वास्तविक चर्चा और लोकप्रतिनिधि-जनता संवाद नहीं हुआ है।ग्रामीणों की मुख्य माँगें हैं:परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव का पुनः वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाए।ग्राम सभाओं से वास्तविक सहमति और अनुमति ली जाए।स्थानीय समुदाय की सहमति के बिना कोई खनन कार्य न किया जाए।ग्रामीण अपनी भूमि, संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पूरे मनोयोग से खड़े हैं और 30 नवंबर की लोकसुनवाई में अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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