छत्तीसगढ़ के आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी
रायपुर, 23 सितंबर 2025 – छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा चल रही 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के संबंध में, सुप्रीम कोर्ट ने 28 आबकारी अधिकारियों को अग्रिम जमानत प्रदान की है। इस बड़े घोटाले में अधिकारियों के ऊपर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने, कमीशन वसूली और अवैध कारोबार में मिलीभगत के गंभीर आरोप हैं।सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को जमानत देते समय कुछ आवश्यक शर्तें लगाई हैं, ताकि जांच में सहयोग सुनिश्चित हो सके और जांच एजेंसी मामले की जांच प्रभावी ढंग से जारी रख सके। इससे पहले EOW और अन्य एजेंसियों ने इस मामले में कई छापेमारी और गिरफ्तारियां की थीं, जिनमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एवं पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास भी शामिल हैं।यह शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में लगभग 3200 करोड़ रुपये के शराब कारोबार में अधिकारी और कारोबारियों के गठजोड़ से जुड़ा है। इसमें सरकारी शराब दुकानों में कमीशन वसूली, नकली बारकोड के माध्यम से ओवर बिलिंग, विदेशी ब्रांड की अवैध सप्लाई, और डमी कंपनियों के जरिए राशि को घुमाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच में अब तक कुल 70 लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें बड़े अधिकारी, कारोबारी और डिस्टलरी संचालक शामिल हैं।इस मामले की पृष्ठभूमि में यह घोटाला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ माना जा रहा है, जिसमें पूर्व आबकारी मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य, और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल हैं। प्रदेश की राजनीति में इस घोटाले को बड़ा हादसा माना जा रहा है, और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से संबंधित जांच एजेंसियों को आवश्यक राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष जांच पूरी करने में मदद मिलेगी। जांच अभी भी जारी है और इस घोटाले से जुड़ी और भी बड़ी जानकारी आने की उम्मीद है।इस महत्वपूर्ण मामले में छत्तीसगढ़ सरकार एवं न्यायपालिका की भूमिका सभी के लिए उदाहरण है कि भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कोई नहीं बच सकता।
Author: Chhattisgarhiya News
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