बतौली / सरगुजा जिले के अंतर्गत विकासखंड बतौली में थाना परिसर में बनाए गए स्टाफ क्वार्टर की स्थिति अत्यंत जर्जर और चिंताजनक हो गई है। दशकों पूर्व पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाए गए इन क्वार्टरों की रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी भी इसी विभाग की रही है, परंतु निर्माण के बाद से आज तक किसी प्रकार का समुचित मेंटेनेंस नहीं किया गया, जिससे अब ये भवन पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं।
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना परिसर के भीतर स्थित तीन ब्लॉकों वाले स्टाफ क्वार्टर की छतें टपक रही हैं, दीवारों में गहरे दरारें हैं, खिड़की-दरवाजे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और भवन के हिस्से गिरने तक लगे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि जिन पुलिस परिवारों को ये क्वार्टर अलॉट किए गए थे, उन्होंने भय के कारण इन क्वार्टरों को छोड़कर अन्यत्र रहने का विकल्प चुन लिया है।
बतौली थाना के एक पत्र के माध्यम से जनपद पंचायत को भी इस स्थिति से अवगत कराया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि भवन की मरम्मत की स्थिति भी अब नहीं बची है और यह पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है। यह स्थिति न केवल पुलिस परिवारों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय उदासीनता को भी दर्शाता है।
ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था के उद्देश्य से इन स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण थाना परिसर में कराया गया था, ताकि पुलिस कर्मियों को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिल सके। लेकिन समय रहते रखरखाव न होने के कारण ये भवन समय पूर्व ही खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं।
अब आवश्यकता है कि शासन-प्रशासन त्वरित संज्ञान लेकर भवनों का पुनर्निर्माण या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि पुलिस परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित निवास मिल सके।
Author: Chhattisgarhiya News
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