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   791 दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा, दोषसिद्धि बढ़ाने पर आईजी दीपक कुमार झा का जोर

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791 दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा, दोषसिद्धि बढ़ाने पर आईजी दीपक कुमार झा का जोर

 

बलात्कार और पॉक्सो मामलों में साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति के निर्देश, एक वर्ष से अधिक लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण पर भी फोकस

 

सरगुजा, 24 अक्टूबर। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के नेतृत्व में 23 अक्टूबर को जिला कोरिया में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जुलाई एवं अगस्त माह के दौरान सेशन न्यायालय के 221 तथा लोअर न्यायालय के 570, कुल 791 दोषमुक्ति प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। इस दौरान आरोपियों के दोषमुक्त होने के कारणों का विश्लेषण कर विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन और अभियोजन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

 

आईजी झा ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में नियमित रूप से दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा कर कमियों की पहचान की जाए और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि न्यायालयों में दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।

 

### बलात्कार और पॉक्सो मामलों में साक्ष्यों पर विशेष जोर

 

बैठक में निर्देशित किया गया कि ई-प्रॉसिक्यूशन के माध्यम से अभियोग पत्र जिला अभियोजन अधिकारी को पर्याप्त समय पहले उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके। बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट के मामलों में पीड़िता के पूर्व न्यायालयीन कथन और अन्य साक्ष्यों को विधि के अनुरूप प्रस्तुत कराने पर विशेष जोर दिया गया।

 

यदि विचारण के दौरान पीड़िता पूर्व कथन से विपरीत या पक्षद्रोही बयान देती है, तो मामले के तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, शिकायत या एफआईआर के मिथ्या पाए जाने पर साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार खात्मा अथवा खारिजी की प्रक्रिया पूरी करने और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध लागू कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

वैज्ञानिक साक्ष्य और एनडीपीएस मामलों की समीक्षा

 

सात वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय अपराधों में घटनास्थल से भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन करने के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में एफएसएल अधिकारियों की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण, आवश्यक परीक्षण और रिपोर्ट प्राप्त कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।

 

एनडीपीएस एक्ट के मामलों में विवेचना के दौरान अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इकाई स्तर पर समय-समय पर रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की विवेचना प्रभावी और त्रुटिरहित हो सके।

 

### लंबित अपराधों और साइबर मामलों के निराकरण पर फोकस

 

बैठक के दूसरे चरण में आईजी दीपक कुमार झा ने सरगुजा रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसमें एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराधों, खात्मा प्रकरणों तथा एमआरएम, जीआरएम, एनसीआरपी और साइ-ट्रेन पोर्टल पर लंबित मामलों की जिलेवार स्थिति की समीक्षा की गई।

 

मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की कार्ययोजना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, नेटग्रिड, ई-समंस और ई-साक्ष्य के उपयोग तथा प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के प्रशिक्षण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पुलिस कार्यालयों में लंबित शिकायतों और पुलिसकर्मियों के कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

आईजी झा ने सभी जिलों को लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने, गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने और पुलिस कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।

 

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

 

बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, कोरिया के पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, एमसीबी की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह सहित सरगुजा रेंज के संबंधित पुलिस अधिकारी एवं लोक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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