15 वर्षीय बच्ची से माफी मंगवाने वाली सरकार बताए, बच्चों पर बल प्रयोग करने वालों से माफी कब मंगवाएगी: परवेज़ आलम गांधी
अंबिकापुर/कांग्रेस नेता परवेज़ आलम गांधी ने कहा है कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति के लिए अपशब्दों का प्रयोग उचित नहीं है और भाषा की मर्यादा का पालन प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि सरकार मर्यादा और नैतिकता की बात करती है, तो यही मानदंड सत्ता और उसके तंत्र पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय बच्ची से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने में पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय नजर आई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक नाबालिग बच्ची से माफी मंगवाई जा सकती है, तो प्रदर्शनकारी छात्रों और बच्चों पर कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कब तय होगी।परवेज़ आलम गांधी ने कहा कि जिन घटनाओं में पेलेट गन के इस्तेमाल, एके-47 के इस्तेमाल, कीलों वाली लाठियों से कार्रवाई तथा बच्चियों के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उन मामलों में अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो बल प्रयोग का आदेश देने वाले अधिकारी और जिम्मेदार लोग भी देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। लोकतंत्र में सत्ता की जवाबदेही आम नागरिकों से अधिक होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का रवैया दोहरे मापदंड को दर्शाता है। एक ओर एक नाबालिग बच्ची से माफी मंगवाई जाती है, जबकि दूसरी ओर गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देती। यह न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि इन घटनाओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान तभी स्थापित होगा, जब सत्ता भी उतनी ही जवाबदेह होगी, जितनी जवाबदेही जनता से अपेक्षित की जाती है।
Author: Chhattisgarhiya News
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