विद्युत दर वृद्धि, स्मार्ट मीटर एवं अघोषित बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेस का विद्युत विभाग कार्यालय घेराव
अम्बिकापुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा द्वारा नमना स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा-संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए “बिजली दरों में वृद्धि वापस लो” और “अदानी का स्मार्ट मीटर लगाना बंद करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली दरों में की गई वृद्धि एवं 12 प्रतिशत की दर से लगाए गए ईंधन प्रभार को तत्काल वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन में कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आम उपभोक्ताओं के साथ धोखा बताते हुए आरोप लगाया कि मीटर की त्रुटिपूर्ण गणना के कारण लोगों को अनुबंधित भार से अधिक खपत के बिल भेजे जा रहे हैं तथा अनुबंध भार के उल्लंघन के नाम पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाकर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को स्वैच्छिक करने तथा इसकी तकनीकी जांच कराने की मांग भी उठाई।
अम्बिकापुर शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती एवं रखरखाव कार्यों में कथित लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग शहर की व्यवस्था ठेकेदारों के सीमित कर्मचारियों के भरोसे चला रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों का बिजली बिल कई गुना बढ़ गया है। वहीं विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदारों के बीच तालमेल की कमी के चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने, ईंधन प्रभार समाप्त करने, स्मार्ट मीटर व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने, अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की “बिजली बिल हाफ योजना” को पुनः लागू करने की मांग की।
Author: Chhattisgarhiya News
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