बतौली में प्रशासनिक आदेश ‘हवा-हवाई’, अफसरों के जाते ही फिर दौड़े ओवरलोड हाइवा
बड़ा सवाल: एसडीएम के औचक निरीक्षण के ठीक दूसरे दिन किसके संरक्षण में शुरू हुआ भारी वाहनों का तांडव?
दबंगई: सच दिखाने पर पत्रकार पर बाहरी राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास।
बतौली। सेदम, गोविंदपुर और मुर्ताडांड क्षेत्र में आबादी के बीच दौड़ रहे ओवरलोड हाइवा पर ‘नवभारत समाचार’ की खबर का बड़ा असर हुआ था। शुक्रवार को स्वयं एसडीएम फागेश सिन्हा, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी विवेक सेंगर ने मौके पर पहुंचकर भारी वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने के मौखिक निर्देश दिए थे।
लेकिन, हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों के लौटते ही ठेकेदारों ने प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखा दिया। दूसरे ही दिन से उसी मार्ग, स्कूल रूट और खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर तेज रफ्तार हाइवा फिर से दौड़ने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ एक ‘फोटो सेशन’ और खानापूर्ति साबित हुई है। इस बीच, खबर से बौखलाए ठेकेदार द्वारा स्थानीय पत्रकार पर बाहरी राजनीतिक रसूख का धौंस जमाकर दबाव बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से खोखली चेतावनियों के बजाय मौके पर प्रतिबंधात्मक साइन बोर्ड लगाने और दोषी ठेकेदारों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
Author: Chhattisgarhiya News
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