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कागजी दावों में उलझा विकास : कुनकुरी पंचायत में वर्षों से अधूरा पड़ा महतारी सदन निर्माण

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कागजी दावों में उलझा विकास : कुनकुरी पंचायत में वर्षों से अधूरा पड़ा महतारी सदन निर्माण

बतौली / सरगुजा जिले के विकासखंड बतौली अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनकुरी में जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वीकृत विकास कार्य कागजी प्रक्रियाओं और लापरवाही के बीच उलझते नजर आ रहे हैं। वर्ष 2022-23 में तत्कालीन विधायक एवं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत द्वारा ग्राम पंचायत में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की गई थी। इस कार्य हेतु 5 लाख रुपये विधायक विकास निधि तथा 5 लाख रुपये डीएमएफ मद से स्वीकृत किए गए थे।

जानकारी के अनुसार निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया था तथा कार्य प्रारंभ करने के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया गया। इसके बावजूद वर्षों बीत जाने के बाद भी महतारी सदन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो कार्य समयसीमा में पूरा कराया गया और न ही अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी द्वारा स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से पूछा जाता है कि कार्य कब तक पूरा होगा और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है, तब कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता। इससे लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि या तो अग्रिम भुगतान की राशि का सही उपयोग नहीं हुआ अथवा शेष राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितता हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विधायक विकास निधि एवं डीएमएफ मद से स्वीकृत निर्माण कार्यों को सामान्यतः 1 से 2 वर्षों, अर्थात अधिकतम 24 माह के भीतर पूर्ण किया जाना अनिवार्य माना जाता है। इसके बावजूद वर्षों तक कार्य अधूरा रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधाओं के लिए स्वीकृत योजनाएं यदि कागजी दावों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेंगी, तो इससे न केवल विकास प्रभावित होगा बल्कि जनता का भरोसा भी कमजोर होगा।

अब देखना यह होगा कि समाचार सामने आने के बाद प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, क्या निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी वर्षों तक फाइलों और कागजी दावों में दबा रह जाएगा।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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