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मैनपाट की अस्मिता पर संकट: लकड़ी तस्करों के आगे बेबस प्रशासन, अवैध कटाई से 3 बिजली के खंभे गिरे, आधा घंटा बंद रहा मार्ग

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मैनपाट की अस्मिता पर संकट: लकड़ी तस्करों के आगे बेबस प्रशासन, अवैध कटाई से 3 बिजली के खंभे गिरे, आधा घंटा बंद रहा मार्ग
मैनपाट / सरगुजा | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल एवं “छत्तीसगढ़ का शिमला” कहे जाने वाले मैनपाट की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता पर लकड़ी तस्करों की पैनी नजर है। उत्तर प्रदेश से आए तस्कर स्थानीय लोगों की मिलीभगत से खुलेआम हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। ताजा मामला ग्राम वंदना ऊपरपारा का है, जहाँ अवैध लकड़ी कटाई के दौरान तीन बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होकर गिर गए, जिससे क्षेत्र में अंधेरा छा गया और मैनपाट–वंदना एकांगी मार्ग लगभग आधे घंटे तक अवरुद्ध रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कथित तस्कर के द्वारा बिना अनुमति सात विशाल नीलगिरी के पेड़ों की कटाई कराई जा रही थी। इस दौरान पेड़ गिरने से सड़क किनारे लगे तीन बिजली के खंभे टूट गए तथा सात बिजली तार सड़क पर आ गिरे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पूरे ऊपरपारा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। आनन-फानन में हाइड्रा वाहन की मदद से लकड़ी एवं टूटे खंभों को हटाकर मार्ग बहाल किया गया।
बताया जा रहा है कि लकड़ी तस्करी का यह नेटवर्क सरगुजा जिले में तेजी से फैल रहा है। मैनपाट, बतौली एवं आसपास के क्षेत्रों में नीलगिरी, सेमर जैसे इमारती लकड़ी के पेड़ों की धड़ल्ले से अवैध कटाई की जा रही है। तस्कर भोले-भाले ग्रामीणों को लालच देकर 3–4 रुपए किलो में लकड़ी खरीदते हैं और उत्तर प्रदेश में 11 रुपए किलो तक बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक संरक्षण के चलते तस्करों के हौसले बुलंद हैं। शिकायत होने पर ही कभी-कभार कार्रवाई होती है, अन्यथा ग्राम जज्गा बैरियर के सामने से ही लकड़ी से भरे ट्रक बेखौफ गुजरते रहते हैं। सूत्रों के अनुसार, तस्करी के इस अवैध कारोबार में कुछ जिम्मेदारों को मोटी रकम देकर कार्रवाई से बचा जाता है।
“एक पेड़ मां के नाम” जैसे जन-जागरूकता अभियान भी तस्करों की बेतहाशा कटाई के सामने मजाक बनकर रह गए हैं। हजारों पर्यटकों की पसंद मैनपाट की हरियाली आज गंभीर संकट में है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस संबंध में एसडीएम मैनपाट राम सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया कि ग्राम वंदना में किसी भी व्यक्ति द्वारा इमारती लकड़ी कटाई की कोई अनुमति नहीं ली गई है। दोषी ग्रामीण एवं तस्करों पर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाने एवं अवैध कटाई के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बिजली विभाग मैनपाट के जे.ई. दीपक निकुंज ने बताया कि बिजली विभाग को पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। तीन खंभे एवं सात तार क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिस पर दोषियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इधर कथित तस्कर ने दावा किया कि अनुमति ली गई थी तथा बिजली विभाग को भी सूचना दी गई थी, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है।
जनता में आक्रोश, कठोर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने वन विभाग, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन से लकड़ी तस्करी पर तत्काल कठोर कार्रवाई, अवैध नेटवर्क के खुलासे तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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