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बच्चों में विज्ञान की जिज्ञासा जगाने वाला इनोवेशन बूटकैम्प सम्पन्न

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बच्चों में विज्ञान की जिज्ञासा जगाने वाला इनोवेशन बूटकैम्प सम्पन्न

बतौली (सरगुजा), एकलव्य शिवपुर बतौली एवं Innovation and Science Promotion Foundation (ISPF) के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक विज्ञान एवं इनोवेशन बूटकैम्प का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा विकसित करना, प्रोजेक्ट एवं अनुभव आधारित शिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना तथा उनमें समस्या-समाधान और आलोचनात्मक चिंतन कौशल का विकास करना रहा।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री अशोक तिग्गा सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। ISPF की ओर से प्रशिक्षक के रूप में विवेक गायकवाड़, नंदन, प्रियांशु गुप्ता, उसामा जैद एवं रोविन पुष्प ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।

बूटकैम्प में कक्षा 6, 7 एवं 8 के विद्यार्थियों ने भाग लिया। गतिविधियों का संचालन ThinkTac की अनुभवी TACtivities™ एवं अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति के आधार पर किया गया, जिसमें बच्चों को स्वयं बनाकर, तर्क करके और खोज के माध्यम से सीखने का अवसर मिला।

कक्षा 6 की गतिविधियाँ

कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने दो प्रमुख गतिविधियाँ सम्पन्न कीं।

Magnetic Pen Stand गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने चुंबकत्व, आकर्षण-प्रतिकर्षण एवं चुंबकीय क्षेत्र की व्यावहारिक समझ विकसित की। वहीं Boat Propeller गतिविधि में सरल सामग्री से नाव का प्रोपेलर बनाकर धुरी, बल, गति एवं ऊर्जा रूपांतरण की अवधारणाओं को प्रयोग के जरिए समझा।

कक्षा 7 की गतिविधियाँ

कक्षा 7 के छात्रों ने Respirometer बनाकर श्वसन प्रक्रिया, गैसों के विनिमय एवं मानव शरीर में ऊर्जा उपयोग का अध्ययन किया, जिससे उनमें परिकल्पना निर्माण एवं अवलोकन कौशल विकसित हुआ। इसके साथ ही DIY Battery गतिविधि में बच्चों ने स्वयं बैटरी बनाकर रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तन, परिपथ, इलेक्ट्रोलाइट एवं ध्रुवों के महत्व को जाना।

कक्षा 8 की गतिविधियाँ

कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने Vibrating Membrane प्रयोग के माध्यम से ध्वनि उत्पादन, कंपन, तरंग एवं आवृत्ति के सिद्धांतों को प्रत्यक्ष अनुभव किया। वहीं Electroplating गतिविधि में इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया द्वारा धातु की सतह पर धातु की परत चढ़ाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

विज्ञान सीखने और सोचने की क्षमता में वृद्धि

इन सभी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने हाथों से प्रयोग, अवलोकन, अनुमान एवं तुलना जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कौशलों का अभ्यास किया। ThinkTac की अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति ने बच्चों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, समूह में सहयोग एवं आत्म-अभिव्यक्ति जैसे 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों को मजबूत किया।

बूटकैम्प के समापन पर बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को स्वतंत्र सोच, प्रयोगात्मक दृष्टिकोण और ज्ञान की खोज के लिए प्रेरित करते हैं, जो वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में अत्यंत आवश्यक है।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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