RRVUNL की PEKB एवं परसा खदानों ने सुरक्षा क्षेत्र में रचा इतिहास वार्षिक कोयला खदान सुरक्षा पखवाड़ा–2025 में कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान
अम्बिकापुर–उदयपुर | 29 जनवरी 2026 राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RRVUNL) की परसा ईस्ट एवं कांता बासन (PEKB) ओपनकास्ट कोल माइन तथा परसा ओपनकास्ट कोल माइन ने ‘वार्षिक कोयला खदान सुरक्षा पखवाड़ा–2025’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं। सुरक्षा, संचालन गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन एवं तकनीकी नवाचार के मानकों पर आधारित इस प्रतियोगिता में दोनों खदानों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर नई उपलब्धियाँ दर्ज कीं।
इस वर्ष का पुरस्कार वितरण समारोह SECL के बैकुंठपुर क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसका आयोजन DGMS के तत्वावधान में SECL एवं Non-SECL कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह में DGMS के महानिदेशक श्री उज्ज्वल ताह, उप महानिदेशक श्री रामावतार मीना, DMS रायगढ़, DMS बिलासपुर, DMS जबलपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के DDMS (माइनिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल) एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
PEKB ओपनकास्ट कोल माइन – ग्रुप-F (मेगा प्रोजेक्ट) में शानदार उपलब्धियाँ
PEKB खदान ने ग्रुप-F श्रेणी में
माइन वर्किंग,
डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन, तथा
नियर-मिस रिकॉर्ड कीपिंग
में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इसके अतिरिक्त SMP एवं SOP (Systematic Mining Practices एवं Standard Operating Procedures) के मूल्यांकन में द्वितीय स्थान, जबकि समग्र (Overall) श्रेणी में तृतीय स्थान हासिल किया।
खदान के आउटसोर्सिंग पार्टनर M/s करमजीत सिंह लिमिटेड को भी उत्कृष्ट योगदान के लिए द्वितीय स्थान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि PEKB खदान पिछले कई वर्षों से DGMS की सुरक्षा प्रतियोगिताओं में लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन करती आ रही है।
परसा ओपनकास्ट कोल माइन – ग्रुप-D श्रेणी में उल्लेखनीय सफलता
सुरक्षा पखवाड़ा में प्रथम सहभागिता के वर्ष में ही परसा खदान ने
माइन वर्किंग,
डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन में प्रथम स्थान,
SMP एवं SOP श्रेणी में द्वितीय स्थान, तथा
ग्रुप-D की समग्र श्रेणी में तृतीय स्थान
प्राप्त कर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। यह उपलब्धि खदान की अनुशासित कार्यप्रणाली, टीमवर्क एवं सुरक्षा-उन्मुख संस्कृति को दर्शाती है।
नेतृत्व एवं तकनीकी नवाचार की भूमिका
दोनों खदानों की इस सफलता का श्रेय CoC–सरगुजा क्लस्टर एवं क्लस्टर हेड श्री मुकेश कुमार के नेतृत्व को जाता है। उनके साथ PEKB साइट हेड श्री विपिन कुमार सिंह एवं सेफ्टी ऑफिसर श्री गली तरुण के मार्गदर्शन में सुरक्षा प्रक्रियाओं, संचालन मानकों एवं तकनीकी सुधारों पर विशेष बल दिया गया।
RRVUNL की खदानें वर्ष 2012 से सुरक्षा-प्रथम नीति के तहत कार्यरत हैं। PEKB खदान में Dozer Push Mining Technology, Slope Stability Radar Monitoring, Near-Miss Record System एवं उन्नत Reclamation Practices को अपनाया गया है, जिससे संचालन दक्षता एवं सुरक्षा प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पर्यावरण-अनुकूल खनन, सतत विकास एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग RRVUNL की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
वरिष्ठ अधिकारी का वक्तव्य
क्लस्टर हेड श्री मुकेश कुमार ने कहा—
“ये उपलब्धियाँ हमारी टीम की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सुरक्षा-प्रथम सोच का परिणाम हैं। हम भविष्य में भी सुरक्षित, जिम्मेदार और सतत खनन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।”
RRVUNL की दोनों खदानें आने वाले समय में भी सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने, उभरती तकनीकों को अपनाने तथा उत्तरदायी एवं सतत खनन पद्धतियों को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Author: Chhattisgarhiya News
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