शासकीय भूमि को निजी बताकर अवैध बिक्री कर लाखों की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
अंबिकापुर / थाना कोतवाली पुलिस द्वारा शासकीय भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर अवैध रूप से विक्रय कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण –
प्रार्थी नेजारूदीन अंसारी, निवासी वार्ड क्रमांक 10, तकियापारा, बेनिपुर, रनपुरखुर्द, थाना अंबिकापुर द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वे एवं अन्य लोग लगभग 15–20 वर्ष पूर्व विभिन्न स्थानों से अंबिकापुर आकर किराये के मकानों में निवास कर आजीविका अर्जित कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी मो. रशीद द्वारा शासकीय भूमि को अपनी निजी स्वामित्व की भूमि बताकर अवैध रूप से विक्रय किया गया तथा उनसे लाखों रुपये की ठगी की गई।
विवेचना में पाया गया कि वर्ष 2008 से 2022 के मध्य आरोपी मो. रशीद ने अपने परिवारजनों की सहायता से ग्राम रनपुरखुर्द, खैरबार क्षेत्र में निवासरत लगभग 41 व्यक्तियों को यह विश्वास दिलाया कि उक्त भूमि उसकी निजी स्वामित्व की है एवं वैधानिक रूप से विक्रय योग्य है। उक्त झूठे एवं भ्रामक आश्वासनों के आधार पर आरोपी द्वारा अल्पशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों से विक्रय अनुबंध / बिक्री विलेख निष्पादित कराए गए तथा प्रत्येक व्यक्ति से लगभग ₹1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रुपये) की राशि प्राप्त की गई।
बाद में यह तथ्य सामने आया कि उक्त भूमि वन भूमि है, जो कानूनन न तो निजी स्वामित्व में हो सकती है और न ही उसका विक्रय संभव है। आरोपी एवं उसके परिजनों द्वारा प्रार्थी एवं अन्य पीड़ितों की अशिक्षा एवं कमजोर आर्थिक स्थिति का लाभ उठाते हुए जानबूझकर धोखाधड़ी की गई। घटना उजागर होने के पश्चात आरोपी द्वारा अपनी धोखाधड़ी छिपाने के उद्देश्य से भूमि क्रेताओं पर मूल दस्तावेज वापस देने का दबाव बनाया गया तथा उन्हें धमकाया एवं भयभीत किया गया।
पुलिस कार्यवाही –
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में प्रार्थी एवं गवाहों के कथन, जप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मो. रशीद पिता स्व. अली मोहम्मद, उम्र 46 वर्ष, निवासी रनपुरखुर्द, तकियापारा, थाना कोतवाली अंबिकापुर के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए गए।
पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा जमीन संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि भूमि क्रेताओं से किए गए एग्रीमेंट की कॉपी स्टाम्प पेपर को लेने के बाद जला दिया गया है। साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास को देखते हुए प्रकरण में धारा 201 भा.द.वि. जोड़ी गई।
अपराध के पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
इस सम्पूर्ण कार्यवाही में शामिल पुलिस अधिकारी/कर्मचारी –
निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी, कोतवाली),
सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय,
सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह,
आरक्षक किशोर तिवारी, संजीव पाण्डेय, शिव राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही।
Author: Chhattisgarhiya News
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