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आंगनबाड़ी निर्माण में गंभीर अनियमितताएं, दिव्यांगों की भूमि पर कब्जा, राष्ट्रपति के समक्ष इच्छा मृत्यु की मांग

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आंगनबाड़ी निर्माण में गंभीर अनियमितताएं, दिव्यांगों की भूमि पर कब्जा, राष्ट्रपति के समक्ष इच्छा मृत्यु की मांग

सरगुजा/बतौली। सरगुजा जिले के विकासखंड बतौली में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत बाटईकेला सहित कई ग्रामों में हो रहे आंगनबाड़ी निर्माण कार्यों में अनुमति, भूमि चयन, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला अब इतना गंभीर हो चुका है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से दिव्यांगों द्वारा राष्ट्रपति के समक्ष इच्छा मृत्यु की मांग तक की जा रही है।

बताया जा रहा है कि बाटईकेला में वर्षों से कब्जे में रही भूमि पर आंगनबाड़ी निर्माण के दौरान दिव्यांग परिवारों की भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया गया। पीड़ित दिव्यांग इस कार्रवाई से बुरी तरह परेशान हैं, किंतु इस पूरे मामले में सरपंच एवं सचिव अपनी गलती स्वीकार करने से इंकार करते नजर आ रहे हैं।

गौरतलब है कि विकासखंड बतौली में लगभग 11 लाख रुपये की लागत से 57 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाना है। इन केंद्रों की स्वीकृति वर्ष 2023-24 में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दी गई थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद आज भी कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। कई स्थानों पर गुणवत्ता इतनी खराब है कि निर्माण पूर्ण होने के कुछ ही महीनों में भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, कुछ ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं सचिवों द्वारा मोटा कमीशन लेकर ठेकेदारों को कार्य सौंपे जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि निर्माण कार्यों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का दौर चल रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो ये आंगनबाड़ी केंद्र भी “बीरबल की खिचड़ी” की तरह वर्षों तक अधूरे ही रह जाएंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर केवल कागजी कार्यवाही कर लीपापोती की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी विकासखंड बतौली में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। पांच वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई स्थानों पर शौचालय एवं स्वच्छता से जुड़े कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं, किंतु किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

अब देखना यह है कि आंगनबाड़ी निर्माण में सामने आई इन गंभीर अनियमितताओं पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है, क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है, और क्या आमजन एवं दिव्यांगों के हितों की वास्तव में रक्षा की जाती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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