सत्ता की गुलामी करती पत्रकारिता हमें दबे कुचले असहाय जनता की आवाज बनना है इस बात को पत्रकारों को समझना चाहिए हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष आईंरा
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने गिरती हुई पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त किया है उन्होंने कहा कि सरकार की गुलामी करना पत्रकारिता नहीं है सत्ता के खिलाफ जाना नहीं है सरकार जो गलत कर रही है उसका विरोध करना है और उन्हें निष्पक्ष प्रभावी तरीके से जनता के बीच में लाना है आजकल देखा जाता है कि बड़े-बड़े चैनल न्यूज़ मीडिया के लोग बड़े-बड़े सेलिब्रिटी राजनीतिक व्यक्ति से चर्चा करते हुए देखे जाते हैं तो उसके मुंह में रसगुल्ला भरा रहता है इसका मतलब यह है कि वह मीठी-मीठी प्रश्न करता है तीखे और जनहित की सवाल को तो जैसे वह भूल जाता है ऐसी पत्रकारता खुद उस मीडिया के लिए अच्छी है ना देश के लिए अच्छी है नहीं जनता के लिए अच्छी है मीडिया को हमेशा चिर स्थाई रूप से विपक्ष की भूमिका का निर्माण करना चाहिए विपक्ष भी ऐसा जिसमें कोई स्वार्थ ना हो सीधा-सीधा जनता से जुड़ा हुआ मुद्दा होना चाहिए जनता की बहुत बड़ी आशा आज मीडिया से है मीडिया के साथियों से आग्रह है कि वह जनता के विश्वास को विश्वासघात में ना बदले आज मीडिया पर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं उसके बावजूद भी देश और प्रदेश में कुछ ऐसे मीडिया या ऐसे पत्रकार भी है जो बिल्कुल निष्पक्ष निर्भीक बेबाक तरीके से जनता की बात को उठा रही है और उसका सकारात्मक परिणाम भी आ रहा है पत्रकारिता में सत्ता सरकार की दलाली का कोई स्थान नहीं है पत्रकारिता हमेशा निष्पक्ष निर्भीक निडरता के साथ किया जाता है अगर यह गुण पत्रकारों में नहीं है उन्हें पत्रकारिता छोड़कर दूसरे धंधा पानी व्यवसाय में हाथ आजमाना चाहिए देश की भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था कभी नहीं चाहती कि देश में भयभुख भ्रष्टाचार आतंकवाद नक्सलवाद का अंत हो क्योंकि यह बहुत बड़ा फंडिंग का साधन होता है कोई भी राजनीतिक पार्टी अपने फंड को छोड़ना नहीं चाहती दे आजादी के अगर 70 सालों बाद भी देश की किसी क्षेत्र में बिजली नहीं पहुंच पा रही है तो उस चीज को पत्रकारिता के माध्यम से ही सरकार के कानों तक ले जाया जा रहा है सरकार को ना जानकारी है ना वह जानकारी चाहता है गांव में अगर मलेरिया फैली है तो सरकार को उससे मतलब नहीं है वह मीडिया ही है जो मलेरिया की जानकारी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत पहुंचता है इसलिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अच्छे से करना चाहिए जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि और जहां न पहुंचे सरकार वहां पहुंचे पत्रकार
Author: Chhattisgarhiya News
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