हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत पर जताई कड़ी नाराजगी – शिक्षा सचिव से मांगा शपथ पत्र
बिलासपुर, 08 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा और बच्चों की सुरक्षा में भारी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा सचिव से शपथ पत्र तलब किया है। कोर्ट ने यह निर्देश उस वक्त दिया जब बिलासपुर के स्वामी आत्मानंद प्राथमिक विद्यालय, सेंदरी में दीवारों में करंट दौड़ने की घटना सामने आई।
मामले के अनुसार, हाल ही में चौथी कक्षा के छात्र नीलेश पटेल को दीवार से करंट लग गया, जिसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छात्रों और अभिभावकों ने बताया कि स्कूल की दीवारें बिजली के प्रवाह से भरी रहती हैं, जिससे बच्चों की जान को हर दिन खतरा बना रहता है। स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को जानकारी दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे पहले से लंबित जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता टी.के. झा ने एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर सक्ती जिले के अनेक स्कूलों की गंभीर स्थिति को उजागर किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कई स्कूलों में शौचालय, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल और यहां तक कि भवन तक नहीं हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार सर्वोपरि है और यदि सरकार इसमें विफल होती है, तो यह संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।
अब यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पर क्या जवाब दाखिल करता है और कब तक जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देता है।
Author: Chhattisgarhiya News
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