अम्बिकापुर। शहर के प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान, लक्ष्मी ट्रेडर्स पर जीएसटी विभाग द्वारा छापेमारी की कार्रवाई ने पूरे व्यापारी समुदाय को आक्रोशित कर दिया है। जीएसटी विभाग की टीम ने छड़ और सीमेंट के सप्लायर राजीव अग्रवाल के इस प्रतिष्ठान पर टैक्स चोरी के आरोपों के तहत छापा मारा, जिससे व्यापारी संघ और स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी फैल गई।
व्यापारी संघ की प्रतिक्रिया
छापेमारी के बाद अम्बिकापुर व्यापारी संघ ने इसे “चुनिंदा व्यापारियों को निशाना बनाने की साजिश” करार दिया। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिना ठोस सबूत के व्यापारियों को परेशान करना विभाग की मनमानी का हिस्सा है। व्यापारी संघ के सदस्य लक्ष्मी ट्रेडर्स के बाहर इकट्ठा हुए और जीएसटी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
व्यापारी संघ के आरोप:
1. बार-बार छापेमारी से व्यापारियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
2. जीएसटी विभाग द्वारा बिना उचित सूचना और कार्यशालाओं के, सीधा छापा मारकर पेनल्टी लगाई जा रही है।
3. संशोधित जीएसटी नियमों की जटिलताओं के कारण व्यापारियों को सही जानकारी तक नहीं मिल पा रही है।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स का बयान
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष अजीत अग्रवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र तिवारी ने इस कार्रवाई को अनावश्यक बताते हुए कहा:
यदि व्यापारी से त्रुटि होती है, तो पहली बार उसे सुधारने का अवसर दिया जाए।
बार-बार बिना स्पष्ट कारण के छापेमारी करना अन्यायपूर्ण है।
अधिकारियों की मनमानी नहीं रोकी गई, तो व्यापारी प्रतिष्ठान बंद कर जीएसटी कार्यालय की चाबी सौंप देंगे।
व्यापारियों की मांग
व्यापारी समुदाय ने जीएसटी विभाग से आग्रह किया है:
1. छापेमारी से पहले ठोस सबूत पेश किए जाएं।
2. जीएसटी नियमों और संशोधनों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
3. व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
निष्कर्ष
लक्ष्मी ट्रेडर्स पर हुई छापेमारी ने व्यापारी समुदाय में गहरी नाराजगी पैदा की है। व्यापारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जीएसटी विभाग की मनमानी और अति-सख्ती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो व्यापारियों द्वारा कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
Author: Chhattisgarhiya News
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