

70 साल पुराने खादी भंडार भवन को बिना अनुमति ढहाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
नेशनल हाईवे-43 से सटे शासकीय भवन को जेसीबी से तोड़ने का मामला, कब्जे की नीयत से कार्रवाई किए जाने का आरोप
सीतापुर, सरगुजा। नगर के मध्य नेशनल हाईवे-43 से सटे लगभग 70 वर्ष पुराने खादी भंडार भवन को जेसीबी मशीन से ढहाए जाने का मामला सामने आया है। शासकीय भूमि पर निर्मित इस पुराने भवन को कथित तौर पर बिना प्रशासनिक अनुमति के तोड़े जाने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तिलक बेहरा ने इस मामले में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर भवन तोड़े जाने की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि खादी ग्रामोद्योग विभाग की संपत्ति से जुड़े इस पुराने भवन को बिना वैधानिक अनुमति के ढहाया गया है। साथ ही, शासन की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने की नीयत से भवन को तोड़े जाने की आशंका भी जताई गई है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर भवन एवं भूमि के स्वामित्व, तोड़फोड़ की अनुमति और इसके पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि रविवार को छुट्टी के दिन जेसीबी मशीन लगाकर भवन को धराशायी कर दिया गया। घटना के बाद नगर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने भी शासकीय भूमि पर स्थित पुराने भवन को बिना प्रशासनिक अनुमति के तोड़े जाने पर सवाल उठाए हैं।
प्रशासन ने तैयार कराया पंचनामा, नोटिस जारी करने के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच के लिए पहुंचे नायब तहसीलदार उमेश तिवारी ने बताया कि खादी भंडार भवन को बिना अनुमति तोड़े जाने के संबंध में पंचनामा तैयार कराया गया है। उन्होंने इस मामले में नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
नायब तहसीलदार के अनुसार, भवन के पीछे एक सामाजिक भवन स्थित है, जहां आने वाले दिनों में बड़ा कार्यक्रम आयोजित होना है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए समाज के लोगों ने जर्जर हो चुके खादी भंडार भवन को ढहाया है। उन्होंने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई उनके निर्देश मिलने के बाद की जाएगी।
पुराने भवन को तोड़ने की अनुमति और जमीन के स्वामित्व की जांच जरूरी
एक ओर भवन को जर्जर होने और संभावित दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर ढहाए जाने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर बिना प्रशासनिक अनुमति के कार्रवाई किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि भवन को तोड़ने की विधिवत अनुमति ली गई थी या नहीं, संबंधित भूमि का वास्तविक स्वामित्व किस विभाग के पास है और तोड़फोड़ की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई।
कांग्रेस ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Author: Chhattisgarhiya News
सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ








