

संयुक्त खाते वाले किसानों को बड़ी राहत, केवल लम्बरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन पर्याप्त : अनिल निराला उरांव
शासन के निर्णय से किसानों को अनावश्यक पंजीयन प्रक्रिया से मिलेगी राहत, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
सीतापुर/सरगुजा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन के लिए किसान पंजीयन को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया गया है। शासन के 5 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देश के अनुसार संयुक्त खाते में धान विक्रय के लिए केवल लम्बरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन आवश्यक होगा, जबकि सह-खातेदारों को पृथक से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस निर्णय पर भाजपा किसान मोर्चा जिला सरगुजा के जिलाध्यक्ष अनिल निराला उरांव ने छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
अनिल निराला उरांव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य और सराहनीय है। संयुक्त खातों में कई सह-खातेदार होने के कारण प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की प्रक्रिया से किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। शासन के इस स्पष्टीकरण से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और धान विक्रय की प्रक्रिया भी सरल होगी।
उन्होंने कहा कि किसान हित में लिए गए इस निर्णय से विशेष रूप से संयुक्त खाताधारक किसानों को पंजीयन संबंधी अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी। शासन का यह कदम किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों एवं धान उपार्जन केंद्रों से शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा किसानों को इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि धान विक्रय के समय किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
Author: Chhattisgarhiya News
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